वैसे ज्यादा सोचने की बात तो नही मगर मुझे दुःख हुआ। तीन दिन के समय में भी तुमको राहुल से मिलने जन था। मै यहाँ किसके लिए रुक रहा हु। पता नही शायद।
और आज तुमने ये भी बोल दिया की तुम्हे मेरी परवाह नही है कैसे हुआ ये सब पता नही मगर अब है तो है।
कोई नै अब तो आदत सी है मुझके ऐसे जीने की।
अरे ऐसा लगा था की अपनी शादो होने जा रही है।
हहहहाहा
ख्वाब अच्छा था।
चलो ध्यान रखना अपना
Friday, October 9, 2009
Friday, October 2, 2009
क्या ये सच है
तुम जो हो तो गा रही है ये हवा, तुम जो हो तो रेशमी सी है फिजा
जाओ ना जाओ ना
आज मन में फ़िर उमंगो की दीए जलने लग गए जब आपने इत्मे प्यार से मुझसे बात करी। बिना बदल के ही आज मन के अन्दर एक मोर नाचने लगा सब कुछ कितना अच्छा है। ये aआंखे बिना बोले कुछ कहती जा रही है। इन हसीन बातों को ना रोकने का मन करता है इन प्यारी मुलाकातों से फ़िर जीने को मन करता है।
पता नही पर शायद मेरा प्यार आपके लिए बढ़ गया है और मुझे साथ रहना बहुत ही अच्छा लगता है।
आज अपना वो हाँथ में हाँथ पकड़ के कैम्पस में चलना और मेरा शर्माना इस पर से तुम्हारा कहना की अब तुम मेरे पास वापस आ जाओगी। मेरे दिल को गोल्डन दिल कहना और मई बहुत अच्छा हु। पर क्यूँ हूँ ये कब बताओगी।
इन हिचकोले खाती जिन्दगी को जैसे एक शहारा सा मिल गया है। काश ये केवल एक हसीन स्वप्न न हो। काश ये सच हो जाए।
अपुन तेरे को बहुत प्यार करता है रे
जाओ ना जाओ ना
आज मन में फ़िर उमंगो की दीए जलने लग गए जब आपने इत्मे प्यार से मुझसे बात करी। बिना बदल के ही आज मन के अन्दर एक मोर नाचने लगा सब कुछ कितना अच्छा है। ये aआंखे बिना बोले कुछ कहती जा रही है। इन हसीन बातों को ना रोकने का मन करता है इन प्यारी मुलाकातों से फ़िर जीने को मन करता है।
पता नही पर शायद मेरा प्यार आपके लिए बढ़ गया है और मुझे साथ रहना बहुत ही अच्छा लगता है।
आज अपना वो हाँथ में हाँथ पकड़ के कैम्पस में चलना और मेरा शर्माना इस पर से तुम्हारा कहना की अब तुम मेरे पास वापस आ जाओगी। मेरे दिल को गोल्डन दिल कहना और मई बहुत अच्छा हु। पर क्यूँ हूँ ये कब बताओगी।
इन हिचकोले खाती जिन्दगी को जैसे एक शहारा सा मिल गया है। काश ये केवल एक हसीन स्वप्न न हो। काश ये सच हो जाए।
अपुन तेरे को बहुत प्यार करता है रे
Thursday, October 1, 2009
क्या ये तुम ही हो
कौन कहता है की आसमान में छेद नही हो सकता जरा हौसले से पत्थर तो उठा लो यारों।
ये लाइन आज सही लगी जब तुमने अपनी बॉस की वाट लगा दी रघु के आने के बाद। और जो खुशी थी चेहरे पर वो मई फ़ोन पर देख तो नही सका मगर आपकी बात में जो उत्साह थे वो देखते बनता था। ग्रेट मिस त्रिवेदी यकीं नही आता ये तुम ही हो मेरी प्यारी ख्वाबों की कविता मेरी प्यारी सी मिस त्रिवेदी महेकत्रिवेदी जी।
जाओ और जीत लो जहाँ माय लव
ये लाइन आज सही लगी जब तुमने अपनी बॉस की वाट लगा दी रघु के आने के बाद। और जो खुशी थी चेहरे पर वो मई फ़ोन पर देख तो नही सका मगर आपकी बात में जो उत्साह थे वो देखते बनता था। ग्रेट मिस त्रिवेदी यकीं नही आता ये तुम ही हो मेरी प्यारी ख्वाबों की कविता मेरी प्यारी सी मिस त्रिवेदी महेकत्रिवेदी जी।
जाओ और जीत लो जहाँ माय लव
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