Wednesday, September 30, 2009

मुझे पता है के तुम ये समझती हो

आपको पता है आज मेरा पेट भरा हुआ था जब अपने असरफी खाने गए थे। मगर बहुत अच्छा लगा खा के और मै तो और भी खाना चाहता था। मगर आज आपसे चाय बनवा के भी तो पीनी थी। काफी मस्त चाय जो बनती हो और मेरे नसीब में ये चाय कुछ ही दिनों के लिए और है शायद।
बब्बू मुझे पता है आज मैंने एयर महेश ने तुम्हे घर जाने नही दिया और तुमको बहुत देर हो गई। मगर यार जब तुम हो ही कुछ महीनो के लिए तो भाड़ में जायें दुनिया वाले। मैंने जान बुझ कर तुमको रोका और तुम्हारी डांटपड़ गई :)
मगर कोई नही मुझे दुःख नही है क्यूंकि मुझे ये लम्हे तो जीने ही है आपके साथ।
माफ़ कर देना बब्बू :)

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