Wednesday, September 30, 2009

Feeling bad

कल तुम्हे विजयदशमी के दिन पहला ब्लॉग लिखने के बाद मै बहुत दुखी था :( शायद रोया भी बहुत. ये मै क्या कर रहा था नही पता. ३ साल पुराना प्यार मै ख़ुद ही छोड़ रहा था. मगर शायद सही था क्यूंकि जरूरी तुम्हारे साथ रहना में नही मगर तुम्हारे खुशी रहने में है। फ़िर शाम को तुम्हारा फ़ोन आया तुम क्रुती से मिलके वापस आई और तब तक रावण जलाया जा चुका था। तम्हें ले नही जा सका रावण दिखने। आज तुम मुझे शायद अब तक की पुरी लाइफ में सबसे ज्यादा अच्छी लग रही थी। शायद मई ये मान चुका था की अब तुम लभग चली ही गई हो। तुम भी काफी कोशिस कर रही थी मेरा मूड ठीक रखने की और मै भी।
अपनी फ्रीदोम पे आज हम फ़िर बैठे और आज अपना साथ में खाना खाने का प्लान था। पुरे रस्ते मेरा मन बहुत ही ज्यादा डूबा ओर टूटा हुआ था। मुझे पता था की जैसे मेरे तुम्हारी शादी तुम्हारे प्यारे हम सफर के साथ कर देने में तुम्हे कितनी खुशी हो रही थी और दुःख भी की मुझे भी बुरा लगा है। आज कोकोनट पाम में उत्तपन और अप्पम बहुत ही अच्छा लगा। पुरा समय अपुन तुमको ही देख रहा था। शायद ये अपनी गुजारी हुई चंदबहुत अच्छी शामो में से एक हो। फ़िर पता नही मै अपने बक्कू से मिल भी पाउँगा के नही।
हमने बहुत खा लिया था और अब प्लान था तुम्हे घर छोड़ने का जिसका बिल्कुल भी दिल नही कर रहा था। बस तुम्हारे साथ रहने का मन था सिर्फ़ तुम्हारे साथ।
मै आज लगातार तुम्हारी तरफ़ देख रहा था और तुम मेरा ध्यान बाँटने की कोशिसकर रही थी। थैंक्स तुमने मुझे अपनी गोद में सर रखने दिया। और माफ़ कर देना मै अपनी भावनाओं को काबू में न रख सका। मगर मै बहुत नही राया था वो मुझसे रुका न गया। और मैंने तुमको भी रुला दिया :( तुम्हारा ये बोलना काफी सुकून दे रहा था की तुम मुझे नही छोड़ के जोगी मगर शायद मुझे पता है की ये केवल एक भ्रम है। मगर जो भी है बहुत अच्छा है.
तुम चली गई और मै डूब गया खयालो में लम्हों में जो हमने साथ में बिताये थे। क्या शानदार दिन थे वो।

तुमने दो बार फ़ोन करके मुझे बहुत रहत दी शायद तुम्हारी ध्यान रखने की यही आदत मुझे तुमसे अलग नही होने दे रही थी। क्यूँ इतना प्यार किया तुमने मुझसे और मुझे अपना दीवाना बना दिया?
मै तुमसे प्यार करता हु और तुम्हारी बाँहों में ही मरना चाहता हु।
मगर पता है ये मेरा मानना है की अगर आप किसी को बहुत प्यार करते है तो ही उसके लिए सबकुछ छोड़ सकते है। इससे कम से कम ये तो पता लगा मुझे की मै तुमसे हद से ज्यादा प्यार करता हु। और उस प्यार के लिए तुमसे दूर भी चला जाऊंगा। मै बहुत खुश हु सच्ची में हाँ।

No comments:

Post a Comment